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क्या सिरप कांड राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा? बच्चों की मौत, सत्ता की बयानबाज़ी और सिस्टम की चुप्पी

✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) सिरप कांड: एक अपराध नहीं, पूरी व्यवस्था पर…

नाम बदलो राजनीति : जनता के असली सवालों से ध्यान भटकाने का संगठित खेल

✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) योजनाओं और शहरों के नाम बदलकर लोकतंत्र नहीं,…

प्रशांत किशोर–प्रियंका गांधी मुलाक़ात : बिहार की राजनीति में नई पटकथा या फिर एक और राजनीतिक बुलबुला?

✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) राजनीति में कुछ ख़बरें ऐसी होती हैं जो…

कफ सिरप कांड : बच्चों की मौत, फर्जी फर्मों का जाल, राजनीतिक रसूख और विभागीय चूक — कितनी बड़ी है कफ सिरप माफिया की जड़ें?

✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) देश में बच्चे मरते रहे, मां-बाप चीखते रहे,…

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अवैध घुसपैठियों का चुनावी महाभारत : असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति?

✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) देश की राजनीति में मुद्दों की कोई कमी…

क्या बैंक मर्जर, बड़े घोटालों का बोझ छिपाने की ‘रणनीति’ है? 15 भगोड़े देश का ₹580000000000 लूटकर भागे

✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) बैंकों का घोटाला, आम आदमी का भरोसा, सरकार…

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सरकारी बैंकों का मेगा विलय तेज़ – क्या भारत चार बड़े ‘सुपर बैंक’ की ओर बढ़ रहा है?

✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) भारत में बैंकिंग सेक्टर एक बार फिर बड़े…

शिक्षा का बाजारीकरण : सरकार की नीतियों ने सरकारी स्कूलों को मौत की कगार पर पहुंचाया

✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) शिक्षा : सरकार का दायित्व, लेकिन व्यवहार में…

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United Nations(संयुक्त राष्ट्र) की रिपोर्ट का डरावना सच : हर 10 मिनट में एक महिला अपने घर में जान गवां रही है

✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट यह चौंकाने वाला सच…

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धर्मेन्द्र : एक युग का अंत — वह मसीहा जो हमेशा जीतता रहा, लेकिन काल से हार गया

✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) पहलवानी से परदे के ही-मैन तक; संघर्ष, सफलता,…