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क्या बैंक मर्जर, बड़े घोटालों का बोझ छिपाने की ‘रणनीति’ है? 15 भगोड़े देश का ₹580000000000 लूटकर भागे
✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) बैंकों का घोटाला, आम आदमी का भरोसा, सरकार…
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सरकारी बैंकों का मेगा विलय तेज़ – क्या भारत चार बड़े ‘सुपर बैंक’ की ओर बढ़ रहा है?
✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) भारत में बैंकिंग सेक्टर एक बार फिर बड़े…
शिक्षा का बाजारीकरण : सरकार की नीतियों ने सरकारी स्कूलों को मौत की कगार पर पहुंचाया
✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) शिक्षा : सरकार का दायित्व, लेकिन व्यवहार में…
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United Nations(संयुक्त राष्ट्र) की रिपोर्ट का डरावना सच : हर 10 मिनट में एक महिला अपने घर में जान गवां रही है
✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट यह चौंकाने वाला सच…
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कर्नाटक की सियासी उथल-पुथल : कुर्सी की जंग, गुटबाजी और जातीय समीकरण, BJP शांत लेकिन तैयारी पूरी!”
✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) कर्नाटक राजनीति में इन दिनों जो सियासी तूफान…
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केशव प्रसाद मौर्य—उपमुख्यमंत्री, स्टार कैंपेनर या भविष्य का बड़ा चेहरा? BJP के असली इरादों की पड़ताल
✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) UP के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का इन…
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SIR : चुनाव आयोग की ‘तेजी-हड़बड़ी’ या नई कहानी की शुरुआत?
✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) जब चुनाव दूर हैं, तो यह हड़बड़ी क्यों?…
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वाराणसी में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस का सख्त रुख, हाइवे पर चला अभियान
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए चला विशेष ऑपरेशन वाराणसी में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को…
एक्ज़िट पोल – लोकतंत्र का नया तमाशा या टीआरपी का व्यापार या सट्टा बाजार और शेयर मार्केट का खेल
✍️ लेखक: विजय श्रीवास्तव(स्वतंत्र पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक) बिहार चुनाव खत्म, लेकिन खेल जारी है बिहार…
