
लखनऊ। राजधानी के सुल्तानपुर रोड क्षेत्र में विकसित की जा रही एलडीए की महत्वाकांक्षी आईटी सिटी और वेलनेस सिटी परियोजनाओं में शामिल गांवों की जमीन की खरीद-बिक्री पर अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद आवास विकास परिषद ने अधिसूचना जारी कर दी है। शनिवार से इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री या खरीद-बिक्री अवैध मानी जाएगी।
खबर की 5 बड़ी बातें
1- सरकार ने जमीन की खरीद-बिक्री पर लगाई रोक
आईटी सिटी और वेलनेस सिटी योजना में शामिल गांवों की जमीनों की रजिस्ट्री और खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
2- केवल मूल भूमिधर ही कर सकेंगे लैंड पूलिंग
एलडीए की लैंड पूलिंग योजना के तहत अब सिर्फ वही व्यक्ति अपनी जमीन योजना में शामिल करा सकेगा, जिसके नाम पर जमीन पहले से दर्ज होगी। नई खरीद के बाद कोई व्यक्ति इसका लाभ नहीं उठा सकेगा।
3- किसानों को मिलेगा विकसित प्लॉट
एलडीए करीब 1054 हेक्टेयर में आईटी सिटी और 1198 एकड़ में वेलनेस सिटी विकसित कर रहा है। किसानों को बदले में 25 प्रतिशत विकसित जमीन प्लॉट के रूप में मिलेगी, जबकि 10 एकड़ से अधिक जमीन देने वालों को 50 प्रतिशत विकसित भूमि वापस दी जाएगी।
4- अवैध खरीद-बिक्री पर रहेगा सख्त नियंत्रण
निबंधन विभाग को सभी संबंधित गाटा नंबर भेज दिए गए हैं, ताकि एलडीए की अनुमति के बिना किसी अन्य के पक्ष में रजिस्ट्री न हो सके।

5- इन गांवों की जमीनें योजना में शामिल आईटी सिटी योजना के गांव:
बक्कास
सिकंदरपुर अमोलिया
सिद्धपुरा
परेहटा
रकीबाबाद
मोहारी खुर्द
मोहारी कला
खुजौली
भटवारा
सोनई कंजेहरा
पहाड़ नगर टिकरिया
वेलनेस सिटी योजना के गांव:
बक्कास
मलूकपुर ढकवा
चौरहिया
चौरासी
दुलारमऊ
नूरपुर बेहटा
मस्तेमऊ
क्या है इसका असर?
विशेषज्ञों के अनुसार इस फैसले से योजनाओं के आसपास होने वाली सट्टेबाजी और फर्जी खरीद-बिक्री पर रोक लगेगी। साथ ही वास्तविक किसानों को लैंड पूलिंग योजना का सीधा लाभ मिल सकेगा।
